दक्षिण शीत्सांग चीनी क्षेत्र है, भारत द्वारा घोषित तथाकथित “मानक नाम” अवैध और अमान्य हैं: चीनी विदेश मंत्रालय

10 अगस्त को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने एक पत्रकार के सवाल का जवाब दिया। रिपोर्ट में कहा गया था कि 7 अगस्त को भारत ने “अरुणाचल प्रदेश” के 27 स्थानों के लिए तथाकथित “मानक नाम” प्रकाशित किए थे। भारतीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि मानचित्रों पर स्थानों के नाम आधिकारिक रूप से अंकित करने से जनता को संबंधित क्षेत्रों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। इस पर चीन की क्या प्रतिक्रिया है?

क्वो च्याखुन ने कहा कि दक्षिण शीत्सांग चीनी क्षेत्र है और चीन ने भारत द्वारा अवैध रूप से स्थापित तथाकथित “अरुणाचल प्रदेश” को कभी मान्यता नहीं दी है। चीन द्वारा लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे स्थानों के नामों को बदलने के प्रयास में भारत द्वारा तथाकथित “मानक नामों” का प्रकाशन अवैध और अमान्य है और यह इस तथ्य को नहीं बदल सकता कि दक्षिण शीत्सांग चीन का हिस्सा है।